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विश्वगुरु हमारे समय की महागाथा है, जिसमें प्रतिभा से भरे युवा, उनके सपने, अवसरों की सीमा, अपने धागों में उलझा हुआ समाजशास्त्र और सत्ता से जकड़ा हुआ राजनीतिशास्त्र आमने–सामने खड़े दिखाई देते हैं। ये उप...
विश्वगुरु हमारे समय की महागाथा है, जिसमें प्रतिभा से भरे युवा, उनके सपने, अवसरों की सीमा, अपने धागों में उलझा हुआ समाजशास्त्र और सत्ता से जकड़ा हुआ राजनीतिशास्त्र आमने–सामने खड़े दिखाई देते हैं। ये उप...
इस डायरी में कहानियों के टुकड़े नज़र आते हैं जो कि ठीक ज़िन्दगी के इर्द-गिर्द पसरे तमाम हिस्सों और यहाँ-वहाँ छिटके छोटे-छोटे टुकड़ों और दृश्यों की तरह हैं। अम्बुज अपनी डायरी में एक दृश्य खींचकर उसे अध...
साल के शुरू में बहुत सारे कैलेंडर छपवाए गए थे कुछ कारणों से बिक नहीं पायें अगर आपको ये कैलेंडर चाहिए तो केवल डिलीवरी चार्ज के लेकर हम यह Calender भेज रहे हैं , कोई किताब खरीदते हैं तो उसके साथ में फ्र...
चित्रलेखा न केवल भगवतीचरण वर्मा को एक उपन्यासकार के रूप में प्रतिष्ठा दिलानेवाला पहला उपन्यास है बल्कि हिन्दी के उन विरले उपन्यासों में भी गणनीय है, जिनकी लोकप्रियता बराबर काल की सीमा को लाँघती रही है...
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‘धूप, चाँदनी और स्याह रंग’ एक अनूठा कविता-संग्रह है जिसमें अलग-अलग विषयों पर लिखी गई कविताएँ मूलतः अपने परिवेश में स्वयं की सार्थकता की तलाश करती हैं। कविताओं में भी कहानी होती है। शब्दों और वाक्यों क...
इस उपन्यास का जो कथा-संसार है वह अपने-आपमें एक दुनिया है, एक ऐसी दुनिया जो पहले भी थी, अभी भी है, आगे भी रहेगी। बिहार जैसे हिंदी प्रदेश के राज्यों से हज़ारों बच्चे हर साल उम्मीद की नाव लेकर प्रतियोगी ...
क्षितिज के उस पार - उपन्यास - संगीता पाण्डेय
मन को झकझोर देने वाली एक अविस्मरणीय प्रेम कथा। कोविड पृष्टभूमि पर आधारित यह उपन्यास महामारी के दौर की वास्तविकता के बेहद करीब है। जो कोविड के प्रभाव,...
समाजवादी आंदोलन के प्रखर योद्धा ‘धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव’ की शख़्सियत एक जननायक की रही है। हालाँकि कुछ कड़े फ़ैसलों को लेने के चलते उन्हें राजनीति ने खलनायक भी बनाया, लेकिन मुलायम अपने फ़ैसलों को ल...
इस किताब में छोटे-छोटे दृश्यात्मक टुकड़े हैं जो अपने-आप में मुकम्मल हैं–जो कहानी कहाते हुए भी कथा नहीं हैं और गीत में ढलते हुए भी कविता नहीं हैं। लालित्य लिए हैं मगर गद्य-गीत भी नहीं है। डायरी भी नहीं ...
अनन्त गौरव, जिला हरदोई, उत्तर प्रदेश के एक साधारण परिवार से आते हैं। बचपन से हिन्दी से प्रेम के कारण कविताओं और कहानियों से अत्यन्त स्नेह रहा है। मदन मोहन मालवीय, गोरखपुर से विद्युत अभियंत्रण में स्ना...